आईआईटी में दाखिले के लिए जेईई मेंस परीक्षा का चौथा और आखिरी सत्र शुरू

IITJEE 2021 cgsandesh
IITJEE Mains 2021

आईआईटी में दाखिले के लिए जेईई मेंस परीक्षा आज यानी गुरुवार से शुरू हो रही है। यह जेईई मेंस परीक्षा का चौथा सत्र है। जेईई की यह परीक्षा करीब 120 दिन पहले आयोजित की जानी थी। हालांकि कोरोना की दूसरी लहर के कारण तब परीक्षाओं को स्थगित करना पड़ा और अब यह परीक्षा आयोजित की जा रही है।

यह चौथा और इस कैलेंडर वर्ष में जेईई मेंस परीक्षा का आखिरी सत्र है। इस चरण में 7 लाख से अधिक उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हो रहें हैं। आईआईटी में पढ़ने के इच्छुक छात्रों के लिए यह एक आखिरी मौका है।इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा का यह ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा 26, 27, 31 अगस्त के साथ साथ 1 व 2 सितंबर 2021 को आयोजित किया जा रहा है।

चौथे सत्र की परीक्षा के लिए 7.3 लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया है। जेईई मेंस के चारों सत्रों में से 2.5 लाख सफल छात्रों को जेईई एडवांस परीक्षा देने का मौका मिलेगा। जेईई एडवांस परीक्षा के नतीजों के देश की 23 आईआईटी, 31 एनआईटी, 23 ट्रिपल आईटी, सहित जेएफटीआई की 40 हजार से अधिक सीटों पर दाखिले होंगे।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के मुताबिक जेईई मेंस चौथे चरण की परीक्षा में शामिल होने के लिए 7.32 लाख छात्रों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। चौथे चरण की परीक्षा के लिए सबसे अधिक छात्रों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। जुलाई में हुई जेईई मेंस के तीसरे चरण की परीक्षा में 7 लाख 9529 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था। वहीं पहले और दूसरे चरण की जेईई मेंस परीक्षाओं में औसतन करीब 6.3 लाख छात्र शामिल हुए थे।

एनटीए के मुताबिक परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को अपने साथ फोटो-आईडी लानी होगी। साथ ही सैनेटाइजर और प्रवेश पत्र ले जाना होगा। परीक्षा में मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, डिजिटल घड़ी, हेल्थ बैंड ले जाने की अनुमति नहीं है।

कोरोना के मद्देनजर परीक्षा केंद्रों में सामाजिक दूरी सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसके लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने छात्रों को समय से पहले परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने का निर्देश जारी किया है।

ऑनलाइन डाउनलोड किये गये प्रवेश पत्र में यदि किसी प्रकार की समस्या आती है तो छात्र एनटीए की हेल्पलाइन पर सम्पर्क कर सकते हैं।

जेईई मेंस जैसी अहम परीक्षाओं के लिए 13 विभिन्न भाषाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। इंजीनियरिंग करने के इच्छुक छात्र इस सुविधा के अंतर्गत अपनी मातृभाषा में परीक्षाएं दे सकते हैं।

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