सोती रही 9 वर्षीय बच्ची, दादा ने माँ और तीन अन्य लोगों को उतारा मौत के घाट

चार लोगों को काटने के बाद गंडासे के साथ सड़क पर जाता दिखा आरोपी राव राय सिंह

गोडगांव: राजेंद्र नगर के उस घर में बहन सुनीता यादव (32) को ब्‍याहते वक्‍त अशोक कुमार (35) ने कभी सोचा नहीं था क‍ि ऐसा मंजर भी देखने को मिलेगा। सामने बहन का शव देखकर उनका तो कलेजा दहल गया। उसके चेहरे की हालत अशोक से देखी नहीं गई। उन्‍होंने कहा, "तालिबान भी इतना बर्बर नहीं होता। उसके चेहरे पर कम से कम सात गहरे घाव थे। यह जघन्‍य कृत्‍य है।"

सुनीता की 9 साल की बेटी अंजलि (बदला हुआ नाम) बगल के कमरे में सो रही थी। रात में एक जोरदार चीख से उसकी नींद टूटी। वह भागकर दरवाजे की ओर गई मगर वह बाहर से बंद था। चीख इतनी तेज थी कि अंजलि सहम गई। उसे कोई अंदाजा नहीं था कि बगल में उसके दादा राव राय सिंह उसकी मां सुनीता पर गंडासे से एक के बाद एक वार किए जा रहे हैं। अंजलि की दादी उसके कमरे में आईं और उसे फिर से सुला दिया।

अंजलि पूरी रात उसी कमरे में सोती रहीं जब इधर सुनीता के अलावा किराएदार कृष्‍ण तिवारी, उसकी पत्‍नी अनामिका और 9 साल की बड़ी बेटी को बेरहमी से मार दिया गया। कृष्‍ण की 6 साल की बेटी किसी तरह हमले में बच गई।

सुनीता का परिवार महेंद्रगढ़ में रहता है। अंजलि वहीं पर है। उस रात सोने के बाद जो अगली याद अंजलि के जेहन में है, वह यह कि एक पुलिसवाला दरवाजा खोलता है। पीछे से ढेर सारे पुलिसवाले घुस आते हैं। अंजलि को कुछ समझ नहीं आया। उसने कहा, "मैं उस कमरे में दादा-दादी के साथ सोती हूं। मगर मंगलवार रात को दादाजी हमारे साथ नहीं साए। मैं कमरे से बाहर तभी निकल पाई जब पुलिस ने दरवाजा खोलकर मुझे पड़ोसी के यहां पहुंचाया। मेरे पापा उस रात घर पर नहीं थे।" अंजलि कक्षा 6 में पढ़ती हैं और उन्‍हें अब इस बात की पूरी मालुमात नहीं है कि क्‍या हुआ है।

प्रमुख आरोपी और सुनीता के ससुर राव सिंह राय ने पुलिस को कहा कि उनकी बहू के किराएदार के साथ अवैध संबंध थे। अशोक इस आरोप को सिरे से खारिज करते हैं। उनके मुताबिक, सिंह उनकी बहन की प्रॉपर्टी हथियाना चाहते थे। अफेयर की कहानी गुमराह करने के लिए रची गई।

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