इस देश में पत्नी चुराने का है रिवाज,नहीं चुरा पाया तो दूसरी शादी करने का हक लिया जाता छीन

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दरअसल, पश्चिमी अफ्रीका के नाइजर देश में वोडाबे जनजाति रहती है. इस जनजाति में किसी भी व्यक्ति को शादी करने के लिए दूसरे की पत्नी चुरानी पड़ती है. इस अजीबो-गरीब रिवाज के चलते लोग एक-दूसरे की बीवियों को चुरा लेते हैं और बाद में शादी कर लेते हैं. घर-परिवार, समाज इस विवाह को बाकायदा मान्यता भी देता है. यानी दूसरे की पत्नी चुराने वाले से कोई नाराज नहीं होता, जिसकी पत्नी चोरी होती है वो भी खुशी-खुशी इस 'वारदात' को स्वीकार कर लेता है.

 
ऐसा नहीं है कि किसी की पत्नी चोरी करने के लिए आपको घात लगाकर मौके का इंतजार करना होगा बल्कि इस 'वारदात' को अंजाम देने के लिए हर साल मौका मिलता है. इसके लिए वार्षिक गेरेवोल महोत्सव आयोजित किया जाता है. इस महोत्सव में वोडाबे पुरुष महिलाओं को अट्रैक्ट करने के लिए मेकअप करके आते हैं. डांस करते हैं, बस इसी दौरान किसी और की पत्नी चुरा कर भाग जाते हैं.

 
दरअसल, पश्चिम अफ्रीका की वोडाबे जनजाति में पहली शादी उनके माता-पिता द्वारा बचपन में कर दी जाती है. यह शादी अपने वंश की लड़की से ही की जाती है यानी लड़की कजिन हो सकती है. जब इस जनजाति के लड़के युवा हो जाते हैं तो उन्हें अपनी पसंद की महिला यानी किसी और की पत्नी चुराने की आजादी होती है.

 
वोडाबो की इस 'मान्यता प्राप्त चोरी' में असफल लड़के का बुरा हाल होता है. उसे घर-परिवार वाले भी नाकारा समझने लगते हैं. इतना ही नहीं चूंकि वह किसी और की बीवी नहीं चुरा पाया तो इसलिए उससे दूसरी शादी करने का हक भी छीन लिया जाता है.


 असल में वोडाबे जनजाति के समाज में सेक्स के मामले में सारी पॉवर महिलाओं के हाथ में होती है. इसीलिए यहां महिलाओं के पास एक से ज्यादा पुरुषों के साथ संबंध बनाने का अधिकार भी है. इसी के तहत कोई महिला किसी पुरुष से प्रभावित हो जाती है, तो वो उस आदमी को उसे चुराने या यूं कहिए कि भगा लेने की छूट दे देती है. और अगर ऐसा करने में वो कामयाब होता हो जाता है तो अपने आप ही वो महिला उस शख्स की पत्नी हो जाती है.

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