इस देश में जानवरों का पीते हैं खून, थूक कर करते हैं 'स्वागत'

मासाई जनजाति

वैसे तो घर में मेहमान का आना, मतलब भगवान का आना माना जाता है। लोग अपने मेहमान के शानदार स्वागत के लिए हर जतन करते है,ताकि वो खुश रहें। लेकिन अगर सोचिये, आप मेहमान बन कर किसी के घर जाएं और उस घर के सदस्य आप पर थूकना शुरू कर दें, तो आपको कैसा लगेगा। जाहिर है आपको गुस्सा आ जाएगा, क्योंकि किसी पर थूकने का मतलब होता है कि हम उस व्यक्ति से बेहद नफरत करते हैं।

लेकिन दुनिया में एक जगह ऐसी भी है, जहां किसी पर थूकने का मतलब उसे सम्मान देना माना जाता है। जी हां,ये जानकर आपको थोड़ी हैरानी हो रही होगी,लेकिन ये सोलह आने सच है। केन्या और उत्तरी तंजानिया के इलाकों में रहने वाले मासाई समुदाय के लोग सम्मान देने के लिए एक दूसरे पर थूकते हैं। मासाई समुदाय के लोग हाथ मिलाने से पहले एक दूसरे के हाथों पर थूकते हैं। इस तरह एक दूसरे के हाथ पर थूकने को बेहद सम्मानजनक माना जाता है।

इस तरह थूकने को माना जाता है कि आप दूसरे व्यक्ति की बेहतर जिंदगी के लिए दुआएं मांग रहे हैं। नवजात शिशु की हथेली पर भी घर वाले और शुभचिंतक थूकते हैं,ताकि उसका भाग्य चमके और उम्र लम्बी हो।

 मसाई जनजाति के लोग अमूमन मांस खाते हैं, लेकिन कई मौकों पर ये लोग जानवरो का खून भी पीते हैं, खासकर बीमारी से बचने के लिए। जानवरों की गर्दन पर तीर से छेद करके कुछ मात्रा में खून इकठ्ठा करते हैं या फिर गर्दन काटकर सीधे मुंह लगाकर खून पी लेते हैं। डिलीवरी के बाद ये लोग जच्चा को जानवर का खून पिलाते हैं।

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