बारिश न होने पर किया टोटका, लड़कियों को निर्वस्त्र कर गांव में घुमाया

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एमपी के दमोह में बीते दो दिन पहले बारिश के लिए टोटके को अंजाम देकर मासूम लड़कियों को निर्वस्त्र कर घुमाने के मामले ने पूरे देश में तूल पकड़ा था. इस मामले में राष्ट्रीय बाल सरंक्षण एवं अधिकार आयोग ने भी संज्ञान लिया था और मामले की जांच के आदेश दमोह जिले के कलेक्टर को दिए थे.

मामले को लेकर दमोह पुलिस भी जांच कर रही थी. जिले के एडिशनल एसपी शिवकुमार सिह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया है कि जबेरा ब्लॉक के बनिया गावं में मासूमों को निर्वस्त्र कर घुमाने वाली छह नामजद महिलाओं के साथ कुछ अन्य महिलाओं के खिलाफ आपराधिक मामला कायम किया है.

एडिशनल एसपी के मुताबिक पॉक्सो एक्ट के अलावा कुछ अन्य धाराओं में मामला कायम कर जांच में लिया है. इस जांच का जिम्मा जबेरा थाना प्रभारी को दिया गया है, जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे उंस पर विधिवत कार्रवाई की जाएगी. वहीं दमोह जिले के कलेक्टर भी मामले की जांच कर रहे हैं.

दरअसल, दो दिन पहले मध्य प्रदेश के दमोह जिले में अंधविश्वास के चलते मासूम बच्चियों को निर्वस्त्र घुमाने का मामला सामने आया था. जिले के जबेरा ब्लॉक के अमदर पंचायत के बनिया गांव में बारिश न होने की वजह से परेशान लोगों ने छोटी-छोटी बच्चियों को नग्न कर उनके कंधों पर मूसल थमाकर पूरे गांव में घुमाया था.

हद तो तब हो गई थी, जब ऐसा करने वाले कोई और नहीं बल्कि उनके मां-बाप थे. बच्चियों की माएं और परिवार की महिलाएं कुछ पड़ोसियों के साथ मिलकर ऐसे टोटके अपना रही थीं.गांव के लोग पुरानी मान्यताओं को आज भी अपनाते हैं और टोटके करके बारिश लाने की कोशिश करते हैं.

दमोह के अमदर पंचायत के बनिया गांव में सूखे को देखते हुए गांव की छोटी-छोटी बच्चियों को पूरी तरह नग्न कर उनके कंधों पर मूसल रखा गया. इस मूसल में मेंढक को बांधा जाता है. बच्चियां पूरे गांव में घूमती हैं और पीछे-पीछे महिलाएं भजन कीर्तन करती जाती हैं. लोगों का मानना है कि ऐसा करने से अच्छी बारिश उनके इलाके में होगी और उनकी फसलों को फायदा पहुंचेगा.

इस खबर और वीडियो के वायरल होने के बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग ने खुद संज्ञान लिया था. ग्रामीणों के इस तरह के टोटके पर सख्त नाराजगी जताई है. कलेक्टर को निर्देश दिया है कि बच्चियों के साथ ऐसा घिनौना काम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.

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